Sunday, 8 February 2026

US sets June deadline for Ukraine-Russia deal

 

            US sets June deadline for Ukraine-Russia deal


                  By Associated Press



The US has given Ukraine and Russia a June deadline to reach a deal to end the nearly four-year war, President Volodymyr Zelenskyy told reporters, as Russian strikes on energy infrastructure forced nuclear power plants to cut output on Saturday. 


If the June deadline is not met, the Trump administration will likely put pressure on both sides to meet it, he added. “The Americans are proposing the parties end the war by the beginning of this summer and will probably put pressure on the parties precisely according to this schedule,” Zelenskyy said, speaking to reporters on Friday.


Zelenskyy’s comments were embargoed until Saturday morning.  “And they say that they want to do everything by June. And they will do everything to end the war. And they want a clear schedule of all events,” he said. He said the US proposed holding the next round of trilateral talks next week in their country for the first time, likely in Miami, Zelenskyy said. “We confirmed our participation,” he added. Zelenskyy said Russia presented the US with a $12 trillion economic proposal — which he dubbed the “Dmitriev package” after Russian envoy Kirill Dmitriev.


Bilateral economic deals with the US form part of the broader negotiating process. Russian strikes on Ukrainian energy infrastructure continued with over 400 drones and about 40 missiles launched overnight Saturday, Zelenskyy said in a post on X. Targets included the energy grid, generation facilities and distribution networks. Ukrenergo, the state energy transmission operator, said the attack was the second mass strike on energy infrastructure since the start of the year, forcing nuclear power plants to reduce output. Eight facilities in eight regions came under attack, it said in a statement.


(Source: Associated Press & The Pioneer)


India beat USA by 29 runs in first T20

 

India beat USA by 29 runs in first T20


Indian bowlers produced a disciplined effort after an average batting display to subdue the United States of America by 29 runs, starting their ICC T20 World Cup campaign on a winning note on Saturday. 

Pacers Mohammad Siraj (2/29), Arshdeep Singh (2/18) and left-arm spinner Axar Patel (2/24) were the pick of the bowlers. In reply, the USA were restricted to 132/8. Milind Kumar (34), Shubham Ranjane (37) and Suraj Krishnamurthi (37) fought well but were no match to the big-match experience of Indian bowlers. 

Earlier, Skipper Suryakumar fought back with a counter-attacking half-century (84, 49 balls) to cover up the failure of his colleagues in the top and middle order.  

(Source: The Pioneer)

Friday, 9 January 2026

8 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा, 286 KG वजन… ओडिशा से अयोध्या चला प्रभु श्रीराम का ‘स्वर्ण धनुष’, जानें कब पहुंचेगा

8 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा, 286 KG वजन… ओडिशा से अयोध्या चला प्रभु श्रीराम का ‘स्वर्ण धनुष’, जानें कब पहुंचेगा



ओडिशा से सनातन जागरण मंच (स्माइल फॉरएवर फाउंडेशन) द्वारा आयोजित 286 किलोग्राम वजनी स्वर्ण धनुष यात्रा शुक्रवार को राउरकेला के हनुमान वाटिका से शुरू हुई और शनिवार को सुंदरगढ़ पहुंची. यह विशेष धार्मिक यात्रा ओडिशा के कई जिलों से होकर गुजरेगी. यह धनुष तमिलनाडु के कांचीपुरम की 40 महिला शिल्पकारों द्वारा तैयार किया गया है. इसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा लगाई गई है. रामलला को धनुष समर्पण की अनुमति प्राप्त करने के लिए ओडिशा से राम भक्तों का एक दल अयोध्या पहुंचा था.

जानकारी के अनुसार, यह यात्रा 19 जनवरी को पुरी के श्रीजगन्नाथ धाम से प्रस्थान करेगी और 22 जनवरी को अयोध्या में संपन्न होगी. 286 किलो का भव्य स्वर्ण धनुष अयोध्या लगाया जा रहा है. धनुष 8 फीट लंबा और 3 फीट चौड़ा है, जिसका कुल वजन 286 किलोग्राम है. इसको बनाने में 240 किलो तांबा, 22 किलो लोहा, 20 किलो अभ्रक, 2.5 किलो चांदी 1 किलो सोना, जिसे 10 माइक्रॉन प्लेटिंग के रूप में उपयोग किया गया है.

धनुष पर करगिल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत की सैन्य उपलब्धियों का उल्लेख अंकित है. यह धनुष तमिलनाडु के कांचीपुरम की 40 महिला शिल्पकारों द्वारा तैयार किया गया है. इसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और चांदी की जड़ाऊ मुकुट भी लगाया गया है. रामलला को पंचधातु से निर्मित धनुष समर्पण की अनुमति प्राप्त करने के लिए ओडिशा से राम भक्तों का एक दल अयोध्या पहुंचा था.

अयोध्या में होगा अभिषेक

हनुमान वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुश्यंत कुमार गौतम, बाबा कालिदासजी महाराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय और रघुनाथपाली के विधायक दुर्गा तंती शामिल थे. सनातन जागरण मंच के संयोजक संतोष बिस्वाल के अनुसार, स्वर्ण धनुष के साथ भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और मुकुट का अभिषेक अयोध्या के श्रीराम मंदिर में किया जाएगा.

पंचधातु से धनुष का निर्माण

तमिलनाडु के कांचीपुरम के कारीगरों द्वारा पंचधातु से इस धनुष का निर्माण कराया गया. ये धनुष सोना, चांदी, एल्युमीनियम, जस्ता और लोहे जैसी पांच धातुओं से बनाया गया है. सनातन जागरण मंच के संयोजक संतोष बिस्वाल ने बताया कि ओडिशा के सभी जिलों से होकर गुजरने वाली शोभायात्रा का कार्यक्रम पूर्व नियोजित है.

(स्रोत: tv 9 भारतवर्ष)


बेटे की मौत के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा फैसला, अपनी 75% सपंत्ति कर देंगे दान

बेटे की मौत के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा फैसला, अपनी 75% सपंत्ति कर देंगे दान


वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अमेरिका में अपने बेटे अग्निवेश की अचानक मौत के बाद अपनी 75 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति समाज को देने के अपने पुराने वादे को फिर दोहराया है. इस उद्योगपति ने आत्मनिर्भर भारत बनाने को लेकर अपने बेटे के भरोसे का जिक्र किया और अग्निवेश के शब्दों में कहा कि देश में किसी चीज की कमी नहीं है और भारत को कभी पीछे नहीं रहना चाहिए.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हमने मिलकर एक सपना देखा था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, किसी बच्चे को शिक्षा से दूर न रखा जाए, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और हर युवा भारतीय के पास अच्छा काम हो. मैंने अग्निवेश से वादा किया था कि हम जो भी कमाएंगे, उसका 75 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा समाज को वापस देंगे.
स्कीइंग दुर्घटना में हुए थे घायल

उन्होंने कहा कि मैं आज उस वादे को फिर से दोहराता हूं और और भी सादा जीवन जीने का पक्का इरादा करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि उनके बेटे की यादें और उसका असर उन लोगों की जिंदगी के जरिए जिंदा रहेगा, जिन्हें उसने छुआ था. अग्रवाल ने इस दिन को अपनी जिंदगी का सबसे काला दिन बताया और कहा कि उनका बेटा स्कीइंग दुर्घटना के बाद ठीक हो रहा था, लेकिन अचानक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी के कारण उसकी जान चली गई.

अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज करा रहा था और ऐसा माना जा रहा था कि वह अब जान के खतरे से बाहर है. उन्होंने लिखा कि हमें लगा था कि सबसे बुरा वक्त बीत चुका है. लेकिन जो होना था, वही हुआ और अचानक दिल का दौरा पड़ने से हमारे बेटे की मौत हो गई. कोई भी शब्द उस माता-पिता के दर्द को बयान नहीं कर सकता, जिसे अपने बच्चे को हमेशा के लिए विदा कहना पड़े. बेटे को पिता से पहले नहीं जाना चाहिए. इस नुकसान ने हमें इस तरह तोड़ दिया है कि हम अभी भी इसे स्वीकार करने की कोशिश कर रहे हैं. अनिल अग्रवाल ने समाज की भलाई के लिए अपनी 75 प्रतिशत संपत्ति दान करने के अपने वादे को एक बार फिर दोहराया है.

(स्रोत: tv 9 भारतवर्ष)


Tuesday, 16 December 2025

Supreme Court issues directions to streamline criminal trials

Supreme Court issues directions to streamline criminal trials


In a bid to streamline criminal trials, the Supreme Court issued a slew of directions to trial courts on Monday to enhance the legibility of verdicts in criminal matters. A bench of Justices Vikram Nath and Sandeep Mehta said all trial courts dealing with criminal matters shall, at the conclusion of the judgment, incorporate tabulated charts summarising the details of the witnesses examined, documents exhibited and material objects produced and exhibited.


The court said these charts shall form an appendix or the concluding segment of the judgment and shall be prepared in a clear, structured and easily comprehensible format.

“We are of the considered view that a more structured and uniform practice must be adopted to enhance the legibility of criminal judgments. Accordingly, to ensure a systematic presentation of evidence that enables efficient appreciation of the record, we issue the following directions to all trial courts across the country.


“These directions aim to institutionalise a standardised format for cataloguing witnesses, documentary evidence and material objects. This will serve to facilitate better comprehension and immediate reference for all stakeholders, including the appellate courts,” the bench said.


The apex court said each criminal judgment shall contain a witness chart with serial numbers, names of the witnesses, a brief description of the informant, eyewitnesses, the doctor, etc.


“The description should be succinct but sufficient to indicate the evidentiary character of the witness. This structured presentation will allow quick reference to the nature of testimony, assist in locating the witness in the record and minimise ambiguity,” the court said.


It added that a separate chart shall be prepared for all documents exhibited during the trial and it shall include the exhibit numbers, a description of the documents and the witnesses who proved or attested the documents.


“In complex cases, such as conspiracies, economic offences or trials involving voluminous oral or documentary evidence, the list of witnesses and exhibits may be substantially long.


“Where the number of witnesses or documents is unusually large, the trial court may prepare charts only for the material, relevant and relied-upon witnesses and documents, clearly indicating that the chart is confined to such items. This ensures that the charts remain functional reference tools rather than unwieldy compilations,” the bench said. The directions came while setting aside the conviction of a man for sexually assaulting a four-year-old girl.


The court said the FIR, despite the informant’s professed complete knowledge of the incident, is bereft of even the most rudimentary details, such as the names of the accused and the purported witnesses.


(Source: The Pioneer)


महिला रोजगार योजना में बड़ा 'लोचा', जीविका दीदी के बदले कई पुरुषों के खाते में आए 10-10 हजार रुपये

महिला रोजगार योजना में बड़ा 'लोचा', जीविका दीदी के बदले कई पुरुषों के खाते में आए 10-10 हजार रुपये


बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए दी गई 10,000 की प्रोत्साहन राशि को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। दरअसल, यह राशि बड़ी संख्या में पुरुषों के बैंक खातों में चली गई थी, जिसे अब विभाग वापस मांग रहा है। दरभंगा जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र के अहियारी गांव में ऐसे कई पुरुष लाभार्थियों को जीविका (BPIU) द्वारा पैसा लौटाने का पत्र जारी किया गया है, जिससे हड़कंप मच गया।

यह मामला तब सामने आया जब जाले प्रखंड के जीविका के BPIU (प्रखंड परियोजना प्रबंधक) ने कई खाताधारकों को पत्र जारी कर गलती से भेजी गई ₹10,000 की राशि लौटाने का आदेश दिया। यह राशि केवल जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए थी, लेकिन यह कई पुरुषों के खातों में चली गई।

अहियारी गांव में तीन विकलांग पुरुषों सहित कई लोगों को यह पत्र मिला है;

  • एक व्यक्ति ऐसा है जिसके परिवार की कोई महिला जीविका से नहीं जुड़ी है, फिर भी उसके खाते में पैसा आया।
  • एक परिवार में पति और पत्नी दोनों के खाते में ₹10-10 हजार की राशि आ गई।
  • एक व्यक्ति के खाते में पैसा आने के बाद उसकी पत्नी जीविका से जुड़ी, लेकिन पत्नी के खाते में कोई पैसा नहीं आया।

पैसे खर्च कर चुके पुरुषों ने लगाई माफी की गुहार

पत्र मिलने के बाद पुरुष लाभार्थियों में परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यह राशि चुनाव के समय आई थी, जिसे उन्होंने योजना का लाभ या सरकार का 'गिफ्ट' समझकर खर्च कर दिया है। ज्यादातर पुरुष लाभार्थियों का कहना है, "हमलोगों ने ना ही फॉर्म भरा था और ना ही पैसा मांगा था, पैसा आया तो हमलोग खर्चा कर लिया, अब कहा से दें? हमारी माली स्थिति अब पैसे लौटाने लायक नहीं है। सरकार को इस राशि को माफ करना चाहिए।"

कुछ पुरुषों ने लिंग भेद पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "सरकार को महिला और पुरुषों के बीच फर्क नहीं करना चाहिए, दोनों को सामान तरीके से देखना चाहिए।"

"विकलांगों के साथ अन्याय"

इस मामले में पंचायत समिति के सदस्य ललन पासवान ने कड़ा गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने खासकर विकलांग लोगों के खातों में राशि भेजने और फिर वापस मांगने को अन्याय बताया है। ललन पासवान ने कहा, "ये विकलांग लोगों के साथ अन्याय हैं। इस पैसे को सरकार को माफ करना होगा, नहीं तो हमलोग विरोध करेंगे।"

(स्रोत: India Tv.in)



1 करोड़ का बीमा, जिंदा जलता इंसान... इधर गर्लफ्रेंड से चैट, लातूर में बेरहमी की हदें पार

1 करोड़ का बीमा, जिंदा जलता इंसान... इधर गर्लफ्रेंड से चैट, लातूर में बेरहमी की हदें पार


"महाराष्ट्र के लातूर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने अपना कर्ज उतारने के लिए खुद की मौत की झूठी कहानी रच दी। इतना ही नहीं, घटना असली लगे इसलिए किसी और की हत्या कर दी। हालांकि, गर्लफ्रेंड से बात करने की कोशिश के कारण आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि वारदात को रविवार को अंजाम दिया गया था।"

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लातूर के औसा तालुका में पुलिस को एक जली हुई कार में पूरी तरह से झुलसा शव होने की खबर मिली। जब पुलिस ने पड़ताल शुरू की और कार के मालिक का पता लगाया। तब पुलिस को पता चला कि मालिक ने अपने रिश्तेदार को कार दी हुई है। उस रिश्तेदार की पहचान गणेश चव्हाण के रूप में हुई। चव्हाण पेशे से बैंक रिकवरी एजेंट था।

पुलिस ने जब चव्हाण की खोज की, तो बताया गया कि वह घर नहीं आया है और फोन भी बंद है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती रूप से लगा कि मरने वाला शख्स चव्हाण ही था, लेकिन जांच में और तथ्य सामने आए। सोमवार को पुलिस को लगने लगा था कि सारी बातें सही नहीं लग रही हैं और ऐसे में उन्होंने चव्हाण के बारे में जानकारी जुटाना शुरू की। तब पुलिस को उसके किसी महिला के साथ रिश्ते में होने की बात पता लगी।

चैट ने खोली पोल

एनडीटीवी के अनुसार, लातूर पुलिस अधीक्षक अमोल ताम्बे ने कहा, 'जब महिला से पूछताछ की गई, तो हमने पता चला कि घटना के बाद गणेश चव्हाण उससे मैसेज पर बात कर रहा था और किसी अन्य नंबर से चैट कर रहा था।' ऐसे में पुलिस पता लगाने में जुट गई कि जिसे वो मरा हुआ मान रहे थे, वह तो जिंदा निकला। तो फिर शव किसका है। पुलिस ने दूसरे नंबर का पता किया और ट्रेस कर कोल्हापुर और विजयदुर्ग पहुंची। यहां से चव्हाण को हिरासत में ले लिया गया।

तो फिर कार में कौन था

शनिवार को चव्हाण ने तुलजापुर टी जंक्शन से गोविंद यादव नाम के शख्स को लिफ्ट दी। कहा जा रहा है कि उस समय यादव नशे में था और चव्हाण को इस बात का फायदा मिला। पुलिस के मुताबिक, चव्हाण ने नशे में धुत गोविंद यादव को लिफ्ट दी, खाना खिलाने के बाद कार में सुला दिया और फिर उसे ड्राइवर सीट पर बैठाकर कार में आग लगा दी। इसके बाद वह फरार हो गया।

पुलिस को गुमराह करने के लिए चव्हाण ने अपना ब्रेसलेट यादव के पास छोड़ दिया था।

क्यों कर दी हत्या

रिपोर्ट के अनुसार, चव्हाण से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि उसने 1 करोड़ रुपये का बीमा कराया था और वह होम लोन खत्म करना चाहता था। ऐसे में उसने बीमा की रकम हासिल करने के लिए किसी व्यक्ति की हत्या की साजिश रची। पुलिस पता लगा रही है कि इस वारदात में चव्हाण अकेला ही था या उसके कोई साथी भी हैं।

(स्रोत: हिन्दूस्तान)

Monday, 15 December 2025

शादीशुदा महिला भी अपने पसंद के शख्स के साथ रह सकती है… MP हाई कोर्ट का अहम फैसला

शादीशुदा महिला भी अपने पसंद के शख्स के साथ रह सकती है… MP हाई कोर्ट का अहम फैसला


मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की खंड पीठ ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि कोई महिला वयस्क है, तो वह चाहे विवाहित ही क्यों न हो, अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ रहने के लिए स्वतंत्र है. अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के चुनाव का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है जिसे पारिवारिक दबाव के आधार पर छीना नहीं जा सकता.

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा के बीच महिला को हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया. अदालत के सामने दिए गए बयान में महिला ने साफ शब्दों में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से याचिकाकर्ता धीरज नायक के साथ रहना चाहती है. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे अपने घर में रोके हुए हैं और उस पर दबाव बना रहे हैं.

महिला के माता-पिता की दलील

वहीं महिला के माता-पिता की ओर से दलील दी गई कि उसकी पहले से शादी हो चुकी है और ऐसे में उसे अपने पति के साथ ही रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए महिला का निर्णय उचित नहीं है. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि कानून की नजर में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि महिला वयस्क है और अपने निर्णय लेने में सक्षम है.

व्यक्तिगत स्वतंत्रता का दिया हवाला

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह का होना किसी महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को समाप्त नहीं करता. यदि वह अपनी इच्छा से किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहना चाहती है, तो उसे रोका नहीं जा सकता. गौरतलब है कि इससे पहले 2 दिसंबर को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने महिला का बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे. इसके अनुपालन में न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा भी महिला के बयान लिए गए थे, जिसमें उसने लगातार यही कहा था कि उसे उसके माता-पिता ने जबरन अपने नियंत्रण में रखा है.

हाई कोर्ट ने महिला को दी परमिशन

शुक्रवार की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने महिला को याचिकाकर्ता धीरज नायक के साथ रहने की अनुमति दे दी और उसकी सुपुर्दगी भी धीरज को सौंप दी. साथ ही अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए कि वह दोनों को सुरक्षित रूप से सवाई माधोपुर तक पहुंचाए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो. इस फैसले को महिलाओं की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि वयस्क महिला की सहमति सर्वोपरि है, चाहे सामाजिक या पारिवारिक दबाव कुछ भी क्यों न हो.

(स्रोत: tv 9)



क्रिकेट: घातक गेंदबाजी के बाद तूफानी बैटिंग ने भारत ने धर्मशाला में साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से हराया

क्रिकेट: घातक गेंदबाजी के बाद तूफानी बैटिंग ने भारत ने धर्मशाला में साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से हराया


भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को तीसरे टी20 मुकाबले में 7 विकेट से हरा दिया। इस मैच में सिर्फ 118 रन के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 15.5 ओवर में ही टारगेट को चेज कर लिया। 

इससे भारतीय टीम ने सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इस जीत में कई हीरो रहे। लेकिन इस मुकाबले में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया।

साउथ अफ्रिका की ओर से उसके कप्तान ऐडम मार्करम ने अर्धशतक बनाया।

(स्रोत: न्युज18 & नवभारत टाइम्स)

Saturday, 13 December 2025

Odisha CM gives away citizenship certificates to 35 Tortured Hindu persons from Bangladesh

Odisha CM gives away citizenship certificates to 35 Tortured Hindu persons from Bangladesh


Chief Minister Mohan Charan Majhi on Thursday (December 11, 2025) gave away citizenship certificates to 35 persons, who have migrated from Bangladesh to India under Citizenship (Amendment) Act 2019.

Now, total 51 persons have been granted citizenship under CAA in Odisha while 1100 applications are under process.

According to Directorate of Census, all 35 persons who received citizenship certificate belonged to Hindu religion. Most of them had fled from Bangladesh when they were subjected to torture at the hand of Muslim majority there.

“I have no idea under which circumstances we were forced to leave Bangladesh. What my parents, who are dead now, said Muslims resorted to genocide in retaliation to Babri Masjid demolition in 1992. All in Hindu majority neighbourhood were forced to change their religion. If anyone protested, they were persecuted and women were subjected to sexual assault,” said Paritosh Sarkar, 37, who along with younger brother and elder sister, received certificate from Mr. Majhi.

After fleeing to Umarkote in southern Odisha district of Nabrangpur via Kolkata, these siblings were settled down and married into Hindu Bengali emigrants who were settled in Odisha and erstwhile Madhya Pradesh after independence.

Similarly, Kiran Mandal, 27, is lucky as he has been granted citizenship while his brother and mother could not satisfy the district and State level committees with their documents. Their applications are being studied further.  

Southern Odisha districts of Malkangiri and Nabarangpur are ready address for the Bangladeshi emigrants.  

A large number of Hindu Bengali emigrants had entered India in 1950s from East Pakistan when they faced high degree of discrimination, persecution and harassment. They landed in West Bengal. However, the West Bengal government then could not handle large influx of Bengali emigrants. The Centre had then selected sparsely populated Dandakaranya region of Madhya Pradesh (now Chhattisgarh) and Odisha for their resettlement. Total 280 villages were set up in Malkangiri and Nabarangpur districts. 

Since then whenever there was any problem in Bangladesh, Hindu Bangladeshi emigrants knocked the door of their relatives settled in Malkangiri and Nabarangpur.

As per the rules of Citizenship Amendment Act, 2019 notified March 11, 2024, individuals belonging to minority communities from Bangladesh, Pakistan, and Afghanistan who entered India on or before December 31, 2014 have been deemed eligible for Indian citizenship.

Welcoming the new citizens at a special programme jointly organised by the Directorate of Census Operations, Odisha, and the Ministry of Home Affairs, Mr. Majhi said, “you are now part of our future. Your safety, dignity, and development are our responsibility and duty. I welcome you as citizens of India.” The CAA-2019 is sacred law which is hope and assurance for persecuted minorities, he said.

“In our country, minorities have the strength and space to raise their voices. But when minorities in neighbouring countries face persecution, those same voices remain silent. Today, however, this mindset is changing. The practice of selectively favouring only one religion in the name of secularism has come to an end. Discrimination on the basis of religion no longer exists in the country. In the eyes of the law, everyone is equal. The Citizenship Amendment Act is a successful implementation of this principle,” said Mr. Majhi.

(Source: The Hindu)


Monday, 1 December 2025

क्रिकेट: टेस्ट सीरिज गँवाने के बाद टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को चखाया हार का स्वाद

क्रिकेट: टेस्ट सीरिज गँवाने के बाद टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को चखाया हार का स्वाद




नई दिल्ली. टेस्ट सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया पर वनडे में बड़ा दबाव था. पहले वनडे में भारत ने उस दबाव को अपने उपर हावी नहीं होने दिया तथा साउथ अफ्रिका को 17 रनों से पराजित कर दिया. 

रांची में खेले गए पहले वनडे में भारतीय टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर के मैच में 349 रन बनाकर मेहमान साउथ अफ्रीका पर दबाव डालने की कोशिश की. 

लेकिन तारीफ करनी होगी एडेन मार्करम की अगुआई वाली टीम की, जिसने आखिरी ओवर तक हार नहीं मानी. भारत की पहले वनडे में जीत में तीन खिलाड़ी हीरो बनकर उभरे. विराट कोहली ने जहां बल्लेबाजी में शानदार पारी खेली वहीं गेंदबाजी में हर्षित राणा ने शुरुआती ओवर में विकेट लेकर मेहमानों की शुरुआत बिगाड़ दी. इसके बाद कुलदीप की फिरकी का जादू देखने को मिला, जिन्होंने चार शिकार किए.

(स्रोत: News 18 हिन्दी)

मोकामा में रिसेप्शन का भोज खाकर 500 लोग बीमार, रसगुल्ला और पनीर के नमूने लैब भेजे गए

मोकामा में रिसेप्शन का भोज खाकर 500 बीमार, रसगुल्ला और पनीर के नमूने लैब भेजे गए

Nishant Nandan for Hindustan


पटना से सटे मोकामा प्रखंड के औंटा गांव में बहूभोज में विषाक्त भोजन खाने से बीमार लोगों की संख्या बढ़कर 500 के पार पहुंच गई। स्थिति की भयावहता और मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इलाके के सरकारी व निजी अस्पतालों द्वारा कैंप लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आसपास के सभी अस्पतालों में काफी संख्या में मरीज भर्ती हैं। सरकारी डॉक्टरों के अलावा निजी क्षेत्र में कार्यरत अस्पताल द्वारा भी कैंप लगाया गया।


वहीं पटना से पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने कई नमूनों को जब्त किया है तथा इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को पीएचसी में भर्ती किया गया है। सभी स्वास्थ्यकर्मियों को मोकामा व घोसवरी प्रखंडों में लगातार कैंप कर सभी मरीजों का इलाज सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।

पटना के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अजय कुमार और महामारी विशेषज्ञ प्रशांत कुमार की टीम ने औंटा का दौरा किया। भोजन के सैंपल भी जमा किए गए। अधिकारियों ने रसगुल्ला,काला जामुन,पनीर, का नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

(स्रोत: हिन्दूस्तान )


Sunday, 30 November 2025

टेस्ट क्रिकेट की हार से मचे हाहाकार के बाद भारत 7 बदलाव के साथ वनडे मैचों में उतरेगा

टेस्ट क्रिकेट की हार से मचे हाहाकार के बाद भारत 7 बदलाव के साथ वनडे मैचों में उतरेगा


नई दिल्ली. साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया अब तीन मैचों की वनडे सीरीज में प्रोटियाज का सामना करेगी. सीरीज की शुरुआत रविवार (30 नवंबर) को रांची में होगी. अगले दो 50 ओवर के मैच 3 दिसंबर को रायपुर और 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में खेले जाएंगे. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 23 नवंबर को घरेलू मैदान पर होने वाली तीन वनडे मैचों के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया और टेस्ट सीरीज में खेलने वाले आठ खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा है.

वनडे टीम में शामिल किए गये खिलाड़ियों की लिस्ट:

रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह 30 नवंबर से शुरू हो रही तीन वनडे मैचों के लिए टीम में लौटे हैं. रोहित और कोहली अब सिर्फ वनडे खेलते हैं, हर्षित और कृष्णा को टेस्ट टीम में नहीं चुना गया था. गायकवाड़, अर्शदीप और तिलक ने अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की वनडे टीम: 

केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल.

(स्रोत News 18 हिन्दी)